.........मैं गरीब नहीं?

गरीब
और मैं-
मैं गरीबी रेखा से
नीचे होकर भी
गरीब नहीं!
मेरे नाम पर
सरकारी योजनाएं
चल रही हैं
परन्तु-
वे सब मेरे किसी
काम की नही है!
वे मात्र आंकड़े हैं
और आंकड़े
कुछ भी सिद्ध कर
सकते है!
यानी गरीब को अमीर
अमीर को गरीब!
बैंकों के ऋण
मेरे लिए नहीं है
क्योंकि मैं-
गरीब नहीं हूं।
गरीब तो वे हैं जो-
बैठे हैं वातानुकूलित
कमरों में
और फाइलों के
झरोखों से झांक रहे है
मेरे इस नंगे बदन को!
बना रहे है योजनाएं
और दोनो हाथों से
समेट रहे है अनुदान!
इसीलिए
पुनः चीखकर कहूंगा
गरीब और मैं......
बिल्कुल नहीं,
मैं गरीब नहीं हूं!!
-डॉ. भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी

Post a Comment

Previous Post Next Post