मऊ : पुलिस पीकेट से कुछ दूरी पर दवा व्यवसायी की हत्या

एक साल पहले फायरिंग कर बदमाशों ने मांगी थी रंगदारी

सरेआम व्यापारी के सीने में बदमाशों ने मारी पांच गोली



सरायलखंसी के बढुआ गोदाम स्थित पुलिस पीकेट से महज पचास मीटर की दूरी पर बुधवार की शाम असलहों से लैस बदमाशों ने ताबड़तोड़ सरेआम पांच गोली मारकर दवा व्यवसायी की हत्या कर दी। हत्या के बाद बदमाश असहला लहराते और फायरिंग करते हुए गाजीपुर जिले की तरफ भाग निकले। घटना के बाद परिवार के सदस्य मृतक दवा व्यवसायी को घायल समझकर जिला अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
करीब एक साल पहले बदमाशों ने मृतक घूरा गुप्ता से पांच लाख की रंगदारी मांगी थी ‌इस दौरान भी बदमाशें ने दहशत के लिए फायरिंग  की थी। लेकिन गुरुवार की शाम हथियारों से लैस दो बाइक पर पांच बदमाशों ने घूरा गुप्ता को उसके मेंडिकल हाल पर ताबड़तोड़ पांच गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश असलहा लहराते हुए वहां से फरार हो गए। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिरकार इस दौरान पीकेट पर तैनात पुलिसकर्मी कहां थे। घटना के बाद एसपी शिवहरि मीणा घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।
बताते चले कि इसके पूर्व भी चिरैयाकोट स्थित हीरो एजेंसी के मालिक से भी फायरिंग करके बदमाशों ने रंगदारी मांगी थी। जिसकों न देने पर बदमाशों ने उनकी भी सरे बाजार हत्या कर दी थी। 
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जौनपुर : साथी की हत्या पर दुखी दवा व्यवसाइयों ने जताया आक्रोश

केमिस्ट एण्ड कास्मेटिक वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक गुरुवार को जहांगीराबाद स्थित कार्यालय पर हुई जहां मऊ के दवा व्यवसायी घूराराम की बदमाशों द्वारा की गयी हत्या पर शोक व्यक्त किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुये उपाध्यक्ष अमित मौर्य ने दवा व्यवसाइयों पर हो रहे प्राणघातक हमले, हत्या, लूट पर व्यक्त करते हुये प्रभावी कार्यवाही करने की मांग किया। साथ ही घूरा राम की नृशंस हत्या पर सरकार से 50 लाख रुपये मुआवजे और परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग किया। वक्ताओं ने कहा कि दवा व्यवसायी अपना अवकाश, त्योहार व दूसरी छुट्टियां आम जनता की सेवा में लगाता है। आम जनता को निर्वाध दवाएं मिलती रहे। इसके लिये वह जरूरत पर किसी भी क्षण दवा देने के लिये प्रतिबद्ध है लेकिन समाज के असामाजिक तत्व, अपराधियों व वसूली करने वालों ने दवा व्यवसाइयों को सोचने पर मजबूर   कर दिया है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस को दवा व्यवसाइयों की सुरक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाने चाहिये, अन्यथा दवा व्यवसायी अपनी सुरक्षा के मद्देनजर अपने प्रतिष्ठानों का समय निर्धारित करने को बाध्य हो जायेगा। ऐसे में जनता को निर्वाध दवाएं मिलना मुश्किल होगा। जनपद में भी कई जगहों पर वसूली के नाम पर व्यवसाइयों की हत्याएं और उन पर प्राणघातक हमले हो चुके हैं। इस अवसर पर सुभाष चन्द्र मौर्य, रतन सिंह, सुनील कुमार, अश्वनी, लल्लन यादव, इरफान अहमद, रिटेलर्स फोरम के अध्यक्ष ध्रुव जायसवाल, सचिव धर्मेन्द्र मौजूद रहे। संचालन सचिव राजेन्द्र निगम ने किया।
रिपोर्ट- प्रमोद कुमार मऊ से और रामजी जायसवाल जौनपुर से

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