अकबरपुर के सेन्ट जॉन्स स्कूल को चाहिए जिलाधिकारी का आदेश

अम्बेडकरनगर जिले के अकबरपुर शहर में संचालित कान्वेण्ट टाइप के स्कूलों के प्रबन्धक जिलाधिकारी के आदेश के बगैर कोई भी ऐसा कार्य नहीं करते हैं जो उनके अधिकार क्षेत्र में आता है या फिर जिसे उनके द्वारा सम्पादित किया जाना चाहिए। आधी मई बीत चुकी है, त्वचा झुलसाने वाली भीषण गर्मी में नन्हें-मुन्ने बच्चे स्कूलों में जाने को विवश हैं। प्रातः तो ये बच्चे किसी तरह स्कूलों में पढ़ने के लिए चले जाते हैं परन्तु दोपहर 1 बजे के करीब जब वापस होते हैं तो इनकी हालत देखते ही बनती है। जब अभिभावकगण कान्वेण्ट स्कूलों के प्रबन्धकों से बात करते हैं तो उनका कहना होता है कि जाओ डी.एम. का आदेश लेकर आओ, तभी स्कूल में अवकाश घोषित किया जाएगा। अप्रैल बीता, आधी मई बीत गई, प्रचण्ड गर्मी में इन स्कूलों में जाने वाले बच्चे मजबूरी में स्कूल जा रहे हैं। अकबरपुर में सेन्ट जॉन्स नामक एक ऐसा स्कूल है जो कथित रूप से सरकारी आदेश को ही मानता है। इस स्कूल में पेयजल एवं धूप व गर्मी से बचाव का कोई प्रबन्ध नहीं है और न ही उमस भरी गर्मी में पढ़ने वाले बच्चों के कमरों में पंखों की व्यवस्था ही है। बच्चे बिलबिलाते हुए पढ़ाई करने को विवश रहते हैं। यह बात दूसरी है कि जब प्रबन्धतन्त्र के यहाँ कोई धार्मिक एवं मांगलिक कार्यक्रम हो तो बगैर सरकार/जिलाधिकारी/शिक्षाधिकारी के आदेश के मनचाही अवधि के लिए स्कूल में अवकाश घोषित कर दिया जाता है। 
-Rainbow News Network

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