राष्ट्रीय स्तर पर मुक्तक लोक सम्मान एवं पुस्तक का लोकार्पण

लाल बिहारी लाल एवं संजय गिरी भी मुक्तक रत्न से सम्मानित 

नई दिल्ली। गाँधी शांति प्रतिष्ठान, नई दिल्ली में मुक्तक लोक और युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच के संयुक्त तत्वावधान में 'मुक्तक लोक शतकीय समारोह' और 'अखिल भारतीय मुक्तक सम्मेलन' का भव्य आयोजन मीरा शलभ के आतिथ्य़ एवं राम किशोर उपाध्याय की अध्यक्षता में समपन्न हुआ| विशिष्ठ अतिथि के तौर पर कांति शुक्ला,अशोक कश्यम एवं नरेश शुक्ला मौयूद थे। संचालन श्वेताभ फाटक एवं संयोजन ओम प्रकाश शुक्ला का था।
पूरे दिन चले इस आयोजन में देश भर से लब्ध-प्रतिष्ठित कवियों और कवयित्रियों ने अपने सुन्दर, मनमोहक मुक्तकों से समारोह में काव्य रस की धारा प्रवाहित कर दी जिनमें प्रमुख रूप से सुश्री कांति शुक्ला, प्रमिला आर्य, अर्चना शर्मा, मीरा शलभ, लता यादव, सविता सौरभ, पुष्पा जोशी, मंजु वशिष्ठ, रजनी, वालिया, यशोधरा सिंह, पुष्पलता शर्मा, वसुधा कनुप्रिया, पुनीता भरद्वाज, रंजना
नौटियाल, रेखा लोढ़ा और सरिता बाजपेई के अतिरिक्त श्री ओम प्रकाश शुक्ल, सुरेशपाल वर्मा जसाला, विजय मिश्र दानिश,श्वेताभ पाठक, मुसाफिर व्यास, अरुण अर्नब खरे,घनश्याम मैथिल, देवनारायण शर्मा, श्यामल सिन्हा, हरीश लोहुमी, दिनेश दव, दीपक गोस्वामी, अशोक कश्यप, संजय गिरि, लालबिहारी लाल, बसंत शर्मा आदि प्रमुख थे|
इस अवसर पर एक मुक्तकों का साझा संकलन 'विहग प्रीति के 'का लोकार्पण भी अतिथियों द्वारा सम्पन्न हुआ| कार्यक्रम में लाल बिहारी लाल एवं संजय गिरी सहित देश के 42 श्रेष्ठ कवियों को 'मुक्तक-रत्न सम्मान' और ख्यात कवि श्री रामकिशोर उपाध्याय को मुक्तक लोक का शिखर सम्मान ''मुक्तक शिरोमणि'' सम्मान प्रदान किया गया| युवा उत्कर्ष साहित्यिक मंच की ओर से इस अवसर पर प्रख्यात कवि, व्यंग्यकार, अर्थशास्त्री और शिक्षाविद प्रो. विश्म्भर शुक्ला को उनकी चालिस वर्ष से अधिक साहित्य, कला, पत्रकारिता, शिक्षा और व्यंग्य के क्षेत्र में विशिष्ट अवदान के लिए सर्वोच्च सम्मान 'जीवनकाल-उपलब्धि सम्मान'(लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड) प्रदान किया गया| अंत में अध्यक्ष राम किशोर उपाध्याय ने सभी अतिथियों एवं आये हुए कवियों का धन्यवाद दिया।

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