पात्र अभ्यर्थी बांधे हैं सी.एम. योगी सरकार से बड़ी उम्मीद
प्रकरण 16448 सहायक अध्यापक भर्ती का
अभी हाल में हुए 16448 सहायक अध्यापक भर्ती में बस्ती जिले में व्यापक रूप से एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमे कई लोग फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे है लेकिन सम्बन्धित अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि कई प्रतीक्षारत अभ्यर्थी लगातार आठ महीने से बी० एस० ए० दफ्तर एवं आला अधिकारियों के पास अपनी गुहार लगा रहे हैं लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सब कुछ जानते हुए भी बेसिक शिक्षा विभाग और प्रशासन चुप्पी साधे बैठा हुआ है जो अत्यन्त शोचनीय विषय है। कहा जाता है मौनम् स्वीकार लक्षणम् मतलब यह कि इन अधिकारियों की चुप्पी से प्रतीत होता है कि सहायक अध्यापक भर्ती में हुए फर्जीवाड़े में सभी शामिल हैं।
ज्ञात हो कि बस्ती जिले में हुए 16448 सहायक अध्यापक भर्ती में द्वितीय काउंसलिंग 24/08/2016 को कराई गई थी, जिसमे विभिन्न जिलों के अभ्यर्थियों ने भाग लिया था और कुछ अभ्यर्थी ऐसे भी थे जिनके जिलों में सीट खाली होते हुए भी उन्हें बस्ती जिले में काउंसलिंग कराकर वहीं नियुक्ति दे दी गई जिससे परिलक्षित होता है कि इस कार्य में बेसिक शिक्षा विभाग पूरी तरह संलिप्त है। एक पात्र विचाराधीन/प्रतीक्षारत अभ्यर्थी अमित कुमार के अनुसार सतेंद्र सिंह आगरा, योगेंद्र सिंह आगरा, राहुल यादव जौनपुर, रंगीता यादव मिर्जापुर, संतोष कुमार बलिया और रतनेश कुमार गुप्ता आदि अनेकों अभ्यर्थियों ने अपने स्नातक के अंकपत्रों में अंको के में बढ़ोत्तरी करवाकर फर्जी तरीके से नौकरी हथिया ली।
फर्जीवाडा इस कदर रहा की अभी भी बस्ती के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 23 फर्जी अभ्यर्थियों को विचाराधीन रखा है। कुल मिलाकर 30 से ऊपर फर्जी व अपात्र अभ्यर्थियों के होने के बावजूद भी चयन कमेटी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जिसकी वजह से प्रतीक्षारत अभ्यथियों में पात्रता एवं अर्हता होने के बावजूद भी उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है। पात्र विचाराधीन/प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों में अमित कुमार, अनूप पटेल, अनुपम शर्मा, अरविन्द यादव, सच्चिदानंद गुप्ता आदि अम्बेडकरनगर के निवासी हैं और अपनी नियुक्ति को लेकर इस फर्जीवाड़े के खिलाफ आवाज उठाई है।
उक्त अभ्यर्थियों ने सम्बन्धित अधिकारियों एवं मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों को उ.प्र. के योगी सरकार से काफी उम्मीदें हैं कि इस फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जाँच कराई जाएगी, साथ ही फर्जीवाड़े में संलिप्त लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई कर पात्रों की नियुक्ति सुनिश्चित कराई जाएगी।
ज्ञात हो कि बस्ती जिले में हुए 16448 सहायक अध्यापक भर्ती में द्वितीय काउंसलिंग 24/08/2016 को कराई गई थी, जिसमे विभिन्न जिलों के अभ्यर्थियों ने भाग लिया था और कुछ अभ्यर्थी ऐसे भी थे जिनके जिलों में सीट खाली होते हुए भी उन्हें बस्ती जिले में काउंसलिंग कराकर वहीं नियुक्ति दे दी गई जिससे परिलक्षित होता है कि इस कार्य में बेसिक शिक्षा विभाग पूरी तरह संलिप्त है। एक पात्र विचाराधीन/प्रतीक्षारत अभ्यर्थी अमित कुमार के अनुसार सतेंद्र सिंह आगरा, योगेंद्र सिंह आगरा, राहुल यादव जौनपुर, रंगीता यादव मिर्जापुर, संतोष कुमार बलिया और रतनेश कुमार गुप्ता आदि अनेकों अभ्यर्थियों ने अपने स्नातक के अंकपत्रों में अंको के में बढ़ोत्तरी करवाकर फर्जी तरीके से नौकरी हथिया ली।
फर्जीवाडा इस कदर रहा की अभी भी बस्ती के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 23 फर्जी अभ्यर्थियों को विचाराधीन रखा है। कुल मिलाकर 30 से ऊपर फर्जी व अपात्र अभ्यर्थियों के होने के बावजूद भी चयन कमेटी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जिसकी वजह से प्रतीक्षारत अभ्यथियों में पात्रता एवं अर्हता होने के बावजूद भी उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है। पात्र विचाराधीन/प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों में अमित कुमार, अनूप पटेल, अनुपम शर्मा, अरविन्द यादव, सच्चिदानंद गुप्ता आदि अम्बेडकरनगर के निवासी हैं और अपनी नियुक्ति को लेकर इस फर्जीवाड़े के खिलाफ आवाज उठाई है।
उक्त अभ्यर्थियों ने सम्बन्धित अधिकारियों एवं मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों को उ.प्र. के योगी सरकार से काफी उम्मीदें हैं कि इस फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जाँच कराई जाएगी, साथ ही फर्जीवाड़े में संलिप्त लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई कर पात्रों की नियुक्ति सुनिश्चित कराई जाएगी।


