रसायनों से पकाए गए फल जनस्वास्थ्य के लिए हानिकारक, संबधित विभाग को देना होगा ध्यान
अम्बेडकरनगर-बाजार में बिकने वाले फलों को केमिकल से पकाए जाने से सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। फलों का राजा आम अब लोगों की सेहत बनाने की बजाय खराब करने वाले फलों में साबित हो रहा है। बाजार में पहले इन्हें केमिकलों के जरिये पकाया जा रहा है और हाथ ठेलों में रखकर इसे बेचा जा रहा है। इन केमिकलों के कारण फलों के अंदर यह केमिकल प्रवेश कर जाते हैं जिससे फ लों का रंग तो बदलता ही है साथ ही यह काफ ी लुभावने दिखाई देते हैं। आम का रंग और भी बेहतर केमिकलों से हो जाता है लेकिन इस प्रकार के आमों का उपयोग करने से स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
लोगों के मुताबिक बाजार में आने वाले आम को पकाने के लिए केल्शियम कारबाईट नाम केमिकल का उपयोग किया जाता है जो स्वास्थ्य पर विपरीत असर छोड़ता है। इसके पानी में डालने से एसिटिलीन गैस बन जाती है जो ज्वलनशील होने के कारण एक रात अथवा 12 घण्टे में ही फलों को पका देती है। सबसे पहले थोक व्यापारी कच्चे आम खरीदकर लाते हैं जिसे घर या गोदाम में रखकर पका लेते हैं। केमिकल का उपयोग करने पर फल सुंदर दिखाई देने लगता है। जिसके सेवन से अनेक बीमारियां भी लोगों को इतना ही नहीं यह रसायन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और बच्चों के विकास की गति को भी कम करता है। इसलिए मसले पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
रिपोर्टः- सत्यम सिंह
