- खाद्य विपणन
महकमा के कई रंगीन मिजाज ओहदेदार सुरा-सुन्दरी भोगी
- जिला स्तरीय
खाद्य विपणन अधिकारी इनकी निगाह में काठ का उल्लू
- विभाग का बैठा
रहे हैं भट्ठा, लगा रहे हैं प्रतिमाह लाखों का चूना, गरीबों के हक का खाद्यान्न कर
रहे हैं निर्यात
- रंगीन मिजाज,
सुरा-सुन्दरी भोगी खाद्य विपणन निरीक्षकों का साथ दे रहे हैं गोदामों पर नियुक्त विभागीय
कर्मचारी
- सभी ब्लाकों
में नियुक्त निरीक्षक राजकुमार, किंग और सम्राटों की तरह जी रहे हैं मस्ती भरा जीवन
- खाद्य विपणन महकमा के कई रंगीन मिजाज ओहदेदार सुरा-सुन्दरी भोगी
- जिला स्तरीय खाद्य विपणन अधिकारी इनकी निगाह में काठ का उल्लू
- विभाग का बैठा रहे हैं भट्ठा, लगा रहे हैं प्रतिमाह लाखों का चूना, गरीबों के हक का खाद्यान्न कर रहे हैं निर्यात
- रंगीन मिजाज, सुरा-सुन्दरी भोगी खाद्य विपणन निरीक्षकों का साथ दे रहे हैं गोदामों पर नियुक्त विभागीय कर्मचारी
- सभी ब्लाकों में नियुक्त निरीक्षक राजकुमार, किंग और सम्राटों की तरह जी रहे हैं मस्ती भरा जीवन
अम्बेडकरनगर
के खाद्य विपणन महकमे में कार्यरत कुछ ऐसे निरीक्षक और अधिकारी हैं जिन्हें सुरा-सुन्दरी
व ऐशो-आराम की लत पड़ चुकी है। कुछ निरीक्षक बाह्य जनपदों व दूर-दराज के हैं। इन सभी
ने अम्बेडकरनगर के शहरों में सुख-सुविधा युक्त आवास किराये पर ले रखा है जिसमें रहकर
मौज-मस्ती करते हैं, इनकी हर शाम इनके यार-दोस्तों के साथ होने वाली पार्टियों में
रंगीन होती है। खास बात यह है कि इनके इस लिप्सा तृप्ति की पूर्ति के लिए कई व्यवसाई
व धनी वर्ग के नौजवान हमेशा तत्पर रहते हैं, जो इनके डिमाण्ड के अनुसार जरूरत की चीजें
उपलब्ध कराते हैं। कई रंगीन मिजाजों ने तो यहाँ तक कहा है कि उनके यार मण्डली में मीडिया
के लोग भी शामिल हैं, ऐसे में तब उनका कोई क्या बिगाड़ सकता है। इस तरह ये लोग मीडिया
को भी बदनाम कर रहे हैं। ऐसा नही है कि इस तरह के अधिकारी व कर्मचारी पहली बार यहाँ
नियुक्त हुए हैं। बल्कि इस तरह काफी पहले से होता चला आ रहा है। इस बावत 4 साल पहले
कई रंगीन मिजाज के सुरा-सुन्दरी भोगी विपणन निरीक्षकों की करतूतें मीडिया में विस्तार
में प्रकाशित हो चुकी हैं, जिन पर जिले के एक राइस मिलर के यहाँ रहने वाली महिला ने
दुष्कर्म का आरोप लगाया था। वह लोग जो तत्समय ऐसे कार्यों में संलिप्त थे, जिले से
स्थानान्तरित हो चुके हैं। उनके स्थान पर आये और पूर्व से कुछ जमे-जमाये निरीक्षक अब
भी मौज-मस्ती काटते हुए विभाग में अपने तरीके से लूट मचाये हुए हैं। सूत्रों के अनुसार
खाद्य विपणन निरीक्षकों की मौजूदा टीम में से एकाध को छोड़कर बाकी सभी रंगीन मिजाज और
सुरा-सुन्दरी भोगी हैं। इनका काला चिट्ठा हम आने वाले दिनों में एक-एक करके खोलकर उसे
सार्वजनिक करेंगे। हम तथ्यों का संकलन कर रहे हैं, प्रयास यह रहेगा कि इन निरीक्षकों/अधिकारियों
के बावत जो भी संवाद प्रकाशित हो वह साक्ष्यों से प्रमाणित व तथ्यपरक हो। गोदामों पर
मची लूट, गरीबों के निवालों की बोरियों का निर्यात, इसमें शामिल खाद्य विपणन महकमे
के जिम्मेदार ओहदेदारों और खाद्यान्न व्यवसाइयों, राइस मिलर्स की गठजोड़, सुरा-सुन्दरी
सप्लायर्स आदि के बावत विस्तार में खबर आगामी दिनों में............।
