कृष्ण जी, आपका यह पोस्ट पढ कर काफी दुख् हुआ. आप मुंगेर के एक वरीय पत्रकार हैं लेकिन पत्रकारिता को बदनाम करने में लगे हैं। जिस विजय शंकर सिंह का नाम आप अपनी रिर्पोट में लिखे हैं उसे प्रभात खबर सितम्बर 2013 में ही अखबार से हटा दिया था और पिछले ढाई साल से उसका कोई संबंध प्रभात खबर से नहीं है। लकिन आप बारबार प्रभात खबर को इस मामले में बदनाम कर रहे हैं। क्या आपके किसी व्यक्तिगत आचरण के लिए आकाशवाणी्, दूरदर्शन या टेलीग्राफ जिम्मेदार होगा? जहां संवाददाता के रूप में आप काम कर रहे हैं। जरा सोचिये. इस प्रकार के पोस्ट से सिर्फ जातियता की ही बू आती है, जो अपके जैसे सम्मानित पत्रकार की छवि को नीचे गिरा रहा। नरेंद्र कुशवाहा के मामले में कानून अपना काम कर रहा है. लेकिन आप पत्रकारिता का गलत इस्तमाल कर कानून को प्रभावित करने में लगे हैं। अभी एक मामले में नरेंद्र कुशवाहा के विरूद्ध न्यायालय से वारंट जारी हुआ है। क्या आप ऐसे भ्रमक रिपोर्ट को सोसल मीडिया में डाल कर न्यायालय व पुलिस पर दवाव बनाना चाह रहे?
Thanks and RegardsRana Gauri Shankar
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