"सिर्फ दिखावा था सर्जिकल स्ट्राईक?"

18 सितम्बर 2016 को सेना के ऊरी कैंप पर बहुत बड़ा आतंकी हमला हुआ था जिसमें हमारे 17 जवान शहीद हुए थे और 19 जवान घायल हुए। जिससे पूरे देश में अशांति का माहौल बना हुआ था। सैनिकों के मन में बदले की आग भड़क रही थी और लोगों में भारी रोष उत्पन्न हो रहा था। जगह- जगह सरकार का विरोध किया जा रहा था। ऐसे में हमले के दस दिन बाद ही सभी न्यूज चैनलों पर  ''सर्जिकल स्ट्राईक'' की खबर प्रसारित की गई जिससे मोदी जी ने खूब वाह वाही लूटी और जनता के मन में एक तेजस्वी पीएम के रूप में उभर कर आये।
देश के कोने कोने में मोदी नाम का गुणगान होने लगा, चारों तरफ एक ही माहौल बना हुआ था, '' मोदी ने बदला ले लियाÓÓ ''पकिस्तान को उसके किए की सजा मिल ही गई'' हर तरफ देशभक्ति की भावना बहने लगी। ऐसे में कई राजनीतिक पार्टियों में खुशी की लहर थी तो कुछ पार्टियों के चेहरे पर सर्जिकल स्ट्राईक न होने का साया दिखाई दे रहा था। इस बात पर पाकिस्तान के नवाज शरीफ ने भी बल दिया। सर्जिकल स्ट्राईक को फर्जी बताया गया। यहां तक कि दिल्ली के सीएम अरविन्द केजरीवाल ने भी सर्जिकल स्ट्राईक ना होने का दावा किया था और नवाज शरीफ की बात को झुठलाने के लिए केजरीवाल ने सर्जिकल स्ट्राईक सच होने के सबूत पेश करने की मोदी जी से अपील भी की लेकिन केजरीवाल के इस ब्यान की मोदी जी ने और उनके अन्धभक्तों ने कड़ी निंदा की।
 लेकिन अब एक के बाद एक पकिस्तान की तरफ से हो रहे आतंकी हमले ने लोगों के मन ही मन कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में हुए सुकमा में नक्सली हमला जिसमें हमारे 26 जवान शहीद हुए जिसके बाद पाकिस्तान ने आतंकी हमला कर हमारे 3 जवान मार गिराये इसके आद एक बार फिर पाकिस्तान ने बर्बरता की हद कर दी। कृष्णा घाटी में भारतीय सीमा में 250 मी. तक पाक सेना ने घुस कर हमारे 2 जवानों को मारकर उनके शव के साथ बर्बरता की। उनके सिर धड़ से अलग कर दिए थे। पाकिस्तान के इस रवैये को देखकर तो ये ही लगता है कि सर्जिकल स्ट्राईक हुई ही नहीं। 
अगर सर्जिकल स्ट्राईक हुई थी तो कहां हुई? अगर सर्जिकल स्ट्राईक वाकई में हुई थी तो क्यों पाकिस्तानी सेना या आतंकवादी की लाशे टीवी चैनलों पर दिखाई नहीं दी थी? क्यों पाकिस्तानी महिलाओं का विलाप करते नहीं दिखा? क्यों मासूम बच्चे अपने पिता के लिए बिलखते नजर नहीं आये? आज देश के हर नौजवान की जुबां पर एक सवाल है ''आखिर ये शहादत कब तक?'' कड़ी निंदा करने और ठोस कदम उठायेंगे का दम भरने वाले मोदी जी अब समय आ गया है झूठी मीडिया का सहारा लेना छोड़ दो और देश के हित में सोचों। पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया जाये। 
सैनिकों को भी उनका अधिकार दिया जाये अगर सैनिकों को आप अधिकार नहीं दे सकते तो उन्हें सीमा पर से हटा कर नेताओं और मंत्रियों के बेटों को सीमा पर भारत की रक्षा करने के लिए भेजा जाये ताकि आपका ध्यान अपनी औछी राजनीति से हट कर हमारे सैनिकों के आये दिन हो रहे बलिदान पर पड़े अगर अब भी आपने पाकिस्तान को कोई जवाब नहीं दिया तो वो दिन दूर नहीं कि जिस दिन पाकिस्तान भारत का दिल कहा जाने वाला शहर दिल्ली में घुसकर सांसद, में आतंकी हमला ना करवादे। मोदी जी को इस मसले पर कोई ठोस कदम उठाना चाहिए क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ तो पता नहीं आगे भी कितने वीर जवान अपने प्राणों की आहुति देते रहेंगे और हम हमेशा की तरह उनको श्रद्धांजलि अर्पित करते रहेंगे। सरकार को अगर वीर जवनों को श्रद्धांजलि देनी ही है तो पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए या आर----- पार की लड़ाई करके ही जवाब दे और उसके भ्रम को खतम कर दिखाना चाहिए कि आज भी हमारे देश की सुरक्षा बल कमजोर नहीं मजबूत है।
-प्रमोद कुमार
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