अम्बेडकरनगर: दास्तान-ए-खाद्य विपणन महकमा (भाग-3)


अब तक आपने रंगीन मिज़ाज, शाह खर्च मुलाज़िमों के बारे में संक्षिप्त में ही पढ़ा व जाना है। एक-एक करके हम आने वाले एपीसोड में इनकी ऐसी कारगुजारियों के बारे में बतायेंगे जिसे पढ़कर हर आम खास अवश्य ही सोचने पर मजबूर होगा, साथ ही विभाग के उच्चाधिकारी और शासन व प्रशासन में बैठे जिम्मेदारों का भी ध्यान इन गरीबों का निवाला स्वहितार्थ उपयोग करने वाले खाद्य विपणन महकमा के मुलाजिमों की तरफ जायेगा। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप भी हमारे इस मिशन व मुहिम में अपना सहयोग और भरपूर समर्थन देंगे। आपका मार्गदर्शन अपेक्षित है।
अम्बेडकरनगर जिले के सभी 5 तहसीलों व 9 ब्लाकों में स्थापित सरकारी खाद्यान्न गोदामों पर तैनात खाद्य विपणन महकमा के कर्मचारियों द्वारा अन्धाधुन्ध लूट मचाई गई है। पूर्व से जमे अंगद का पाँव बने गोदाम प्रभारियों द्वारा की जा रही मनमानी कोटेदारों और राइस मिलर्स तथा आम लोगों के लिए सिर दर्द बनने लगी है। मार्केटिंग इंस्पेक्टर्स छोटे-बड़े गोदामों पर तैनात लिपिकों के भरोसे गोदाम छोड़कर प्रायः अपने निजी कार्यों से मुख्यालय से बाहर रहते हैं। कभी-कभार तो इनके बारे में पता चलता है कि ये लोग विभागीय कार्य से हाईकोर्ट एवं अन्य कोर्ट गये हुए हैं। जबकि वास्तविकता कुछ और ही होती है।
यह महकमा उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग का एक अहम अंग है। आये दिन समाचार सुनने को मिलता है कि अमुक ब्लाक के गोदाम पर नियुक्त विपणन महकमा और क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक में 36 का आंकड़ा चल रहा है। ऐसा तब होता है जब मार्केटिंग और सप्लाई के मुलाज़िमों में आपसी ताल-मेल का अभाव होता है। बीते वर्षों आलापुर तहसील में तैनात खाद्य विपणन निरीक्षक और पूर्ति निरीक्षक में अपने-अपने स्वार्थ की पूर्ति को लेकर आपसी तनातनी सुनने को मिली थी। दोनों निरीक्षकों के बीच की यह खटास काफी दिनों तक चर्चा में रही। दोनों पक्षों के हितैषियों ने इस खटास को दूर कराने का अपने-अपने तरीके से प्रयास भी किया था।
आलापुर तहसील अन्तर्गत हुसैनपुर खुर्द गाँव में क्षेत्र के कोटेदारों की सहूलियत के लिए महकमा द्वारा एक गोदाम की स्थापना की गई है। वहाँ का हाल भगवान भरोसे ही है। इसी तरह टाण्डा तहसील के टाण्डा और सूरापुर में बड़े गोदामों की स्थापना की गई है। यहाँ तैनात विभागीय कर्मी व पर्यवेक्षक क्षेत्र ही नहीं पूरे जिले में अपनी कारगुजारी से चर्चा का विषय बने हुए हैं। ककरडिल्ला स्थित गोदाम जो अकबरपुर तहसील व ब्लाक क्षेत्र के तहत आता है यह बड़े गोदामों में शुमार है। इसकी हालत बद से बद्तर बताई जाती है। इसका सबब यह बताया जाता है कि यहाँ नियुक्त विभागीय कर्मी मनमाना करते हुए भ्रष्टाचार की परिभाषा परिवर्तित करने पर तुले हुए हैं।
गरीबों का खाद्यान्न स्वहितार्थ उपयोग में लाने वाले लाखों रूपए प्रतिमाह वेतनभोगी विभागीय मुलाजिम खाद्यान्न तस्करी में संलिप्त होकर धनकुबेर बनने की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने की होड़ में हैं। ककरडिल्ला गोदाम हर राइस मिलर और कोटेदार व क्षेत्रीय जनता की जुबान पर रहता है। इसी तरह का हाल कटेहरी ब्लाक अन्तर्गत आने वाले गोदाम जो अकबरपुर-अयोध्या सड़क मार्ग पर कटेहरी के निकट स्थित है का भी है। इसका पर्यवेक्षण भीटी तहसील के एक ए.एम.ओ. के जिम्मे है। क्योंकि इस ब्लाक में किसी मार्केटिंग इंस्पेक्टर की तैनाती नहीं है। यहाँ सब कुछ मनमाना हो रहा है। जलालपुर तहसील और भियांव ब्लाक के अन्तर्गत आने वाले खाद्यान्न गोदामों पर तैनात विभागीय अधिकारी व कर्मचारी इन गोदामों में भण्डारित खाद्यान्न बोरियों का उपयोग धड़ल्ले से स्वहितार्थ कर रहे हैं।
अपनी तथा-कथित ईमानदारी प्रदर्शित करने के लिए गोदाम प्रभारी और मार्केटिंग इंस्पेक्टर्स को अक्सर यह कहते हुए सुना जाता है कि विभाग के नियम कानून इतने सख्त हैं, ऊपर से प्रशासनिक अधिकारियों की सख्ती ऐसे में एक अन्न इधर का उधर नहीं किया जा सकता है। इनकी बातों से ऐसा प्रतीत होता है कि बड़े सांसत में पड़े ये मार्केटिंग डिपार्टमेन्ट के मुलाज़िम मात्र लाख रूपए प्रतिमाह वेतन पर ही ऐन-केन-प्रकारेण गुजारा कर रहे हैं। कई इंस्पेक्टर्स ने तो इतना तक कहा कि वह महंगाई में फोर व्हीलर का खर्चा अफोर्ड नहीं कर पा रहे हैं इसलिए अब आवास से गोदाम तक आवागमन के लिए दो पहिया आटो वाहन या फिर टैक्सी आदि का सहारा लेना पड़ रहा है। क्या करें, शहर में सुख-सुविधा सम्पन्न मकान में किरायेदार के रूप में मुख्यालयी शहर में रहते हैं, नौकरी करनी है, तो इतना तो झेलना ही पड़ेगा।
भियांव ब्लाक के विभागीय कर्मचारियों को क्षेत्र के स्वजातीय और राजनीतिक पकड़ रखने वाले लोगों का वरदहस्त प्राप्त है। इन सबको भियांव के लोग बड़े प्यार-मोहब्बत से ट्रीट करते हैं। इसी तरह जलालपुर तहसील के गोदामों की भी हालत है। विभागीय मुलाज़िम स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली व्यक्तियों से अपने अच्छे ताल्लुकात बना रखे हैं। स्वजातियों से भरपूर लाभ भी ले रहे हैं। वेब और प्रिन्ट मीडिया में क्रमशः...............

भूपेन्द्र सिंह गर्गवंशी, 9125977768

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